केदारघाटी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर 600 मीटर की ऊंचाई पर ही उड़ान भर सकेंगे। भारतीय वन्य जीव संस्थान की रिपोर्ट और एनजीटी के नोटिस के आधार पर प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर आपरेटरों के लिए इस शर्त को अनिवार्य कर दिया है।
इस शर्त का कड़ाई से पालन कराने के लिए हेलीकॉप्टरों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाया जाएगा। जिसकी समय-समय पर चेकिंग की जाएगी। सिर्फ हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ के वक्त यह प्रतिबंध नहीं रहेगा।
भारतीय वन्य जीव संस्थान की ओर से प्रदेश सरकार को रिपोर्ट सौंपी गई है जिसमें कहा गया है कि केदारघाटी क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की नीची उड़ान से वन्य जीव परेशान हैं।
एनजीटी ने भी इस मामले में प्रदेश सरकार को अप्रैल माह के दौरान नोटिस जारी किया था। इसके बाद केदारघाटी क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की उड़ान के लिए 600 मीटर ऊंचाई की शर्त को लाजिमी कर दिया गया है।
मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने इस बारे में बृहस्पतिवार को आपरेटरों के साथ आयोजित बैठक में इस बात की जानकारी दी। भारतीय वन्य जीव संस्थान की अध्ययन रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केदारनाथ हेली सेवा हेतु गौरीकुंड से रामबाड़ा तक का भूभाग केदारनाथ वन्य जीव पार्क में पड़ता है।
इस क्षेत्र में हैलीकॉप्टर 600 मीटर की ऊॅचाई पर ही उड़ना चाहिए। उन्होंने सभी आपरेटरों को निर्देश दिया कि केदारनाथ वन्य जीव पार्क में हेली सेवाओं की उड़ान 600 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि हेलीकॉप्टर 600 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे तो इससे ध्वनि प्रदूषण भी कम होगा, जिससे वन्य जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े।
सिरसी से उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों का मार्ग बदला
उन्होंने कहा कि केदारनाथ क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) द्वारा नजर रखी जाएगी। हेली सेवा प्रदान करने वाले आपरेटर हेलीकॉप्टर में जीपीएस लगवाएंगे। जीपीएस में उड़ान से संबंधित रिकार्ड संरक्षित रहेगा। जिसकी समय पर समय जांच की जाएगी। यदि इसमें किसी तरह की अनियमितता मिली तो संबंधित आपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिरसी से उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों का मार्ग बदला
सिरसी से केदारनाथ के लिए उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों के मार्ग पर परिवर्तन कर दिया गया है। अब सिरसी हेलीपैड़ से उड़ान भरने वाले हेलीकाप्टरों द्वारा केदारनाथ की ओर उड़ने से पूर्व वन्य जीव पार्क क्षेत्र से बाहर विपरीत दिशा में उड़ान भरकर 600 मीटर से अधिक की ऊंचाई प्राप्त करना होगा।
इसके बाद हेलीकॉप्टर केदारनाथ की ओर जाएंगे। मार्ग में यह बदलाव इसलिए किया गया है कि केदारनाथ वन्य जीव पार्क के निकट स्थापित सिरसी हेलीकॉप्टर 600 मीटर की ऊंचाई इसलिए प्राप्त नहीं कर सकते हैं क्योंकि वहां से केदारनाथ की दूरी कम है।
पायलट को लॉग बुक में करनी होगी एंट्री
मौसम या किसी अन्य वजह से हेलीकॉप्टर 600 मीटर की ऊंचाई को प्राप्त नहीं कर पाया तो पायलट को लॉग बुक में इसकी एंट्री करनी होगी। आपरेटर को इसकी जानकारी जिलाधिकारी, केदारनाथ वन्य जीव पार्क प्रशासन और यूकाडा को देनी होगी।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
मुख्य सचिव एस, रामास्वामी, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डीबीएस खाती, भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिक सत्य कुमार, अपर सचिव नागरिक उड्डयन आर.राजेश कुमार और भारतीय वन्य जीव संस्थान के जीएस रावत सहित हेलीकॉप्टर कंपनियों प्रतिनिधि मौजूद रहे।