चमोली की थराली और कर्णप्रयाग में भाजपा में इन दिनों दो नेताओं की धमाकेदार एंट्री के बाद पक्ष और विपक्ष टेंशन में आ गए हैं।
पहले हैं थराली में दो बार के विधायक रहे गोविंद लाल शाह जिन्हें आम जनता जीएल के निक नेम से जानती हैं और दूसरे हैं कर्णप्रयाग में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी की बेटी ऋतु खंडूड़ी की सक्रियता। विधानसभा चुनावों से तीन माह पूर्व कद्दावर नेताओं की सक्रियता ने दोनों विधानसभा में टिकट के दावेदारों की टेंशन बढ़ा दी है।
नारायणबगड़, थराली, देवाल और घाट ब्लाकों को मिलाकर बनी थराली विधानसभा सीट परिसीमन से पूर्व पिंडर विधानसभा थी। अलग राज्य बनने के बाद हुए पहले निर्वाचन 2002 में यहां भाजपा से जीएल शाह को टिकट मिला और पहली बार जीएल जीतकर विधानसभा पहुंचे। बाद में जीएल पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के नजदीकियों में शामिल हो गए।
वर्ष 2007 में फिर कमल के निशान पर जीएल चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन भाजपा सरकार में पहले खंडूड़ी फिर निशंक और फिर खंडूड़ी के सीएम बनने के बाद निशंक के समर्थक रहे जीएल का टिकट वर्ष 2012 में काट दिया गया। पूर्व प्रमुख और खंडूड़ी के नजदीकी रहे मगन लाल शाह को भाजपा से टिकट मिला तो जीएल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। नतीजा कांग्रेस के डा. जीतराम चुनाव जीत गए।
प्रमुख कराई शामिल, दिखाई ताकत
अब 24 नवंबर को गैरसैंण पहुंचे केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु की मौजूदगी में भाजपा नेतृत्व में जीएल को पार्टी में शामिल कर दिया। यही नहीं 25 नवंबर को देवाल में आयोजित भाजपा की परिवर्तन रैली के दौरान जीएल ने नारायणबगड़ की प्रमुख अंसी नेगी समेत अपने 100 से अधिक समर्थकों को भाजपा में शामिल कराकर अपनी ताकत दिखाने की कवायद शुरू कर दी है। माना जाता है कि एससी के लिए आरक्षित सीट पर जीएल की स्वर्ण वर्ग पर अच्छी पकड़ है।
यही नहीं सरल और व्यवहार कुशल जीएल की आज भी लोगों के बीच पैठ मानी जाती है। ऐसे में भाजपा में टिकट के प्रमुख दावेदार मगन लाल शाह, बलबीर घुनियाल, नरेंद्र भारती आदि की टेंशन बढ़ गई है। दूसरी ओर कर्णप्रयाग में ऋतु खंडूड़ी की सक्रियता ने टिकट के दावेदारों की जमीन हिला दी है। माना जा रहा है कि पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की ईमानदारी की विरासत पक्ष और विपक्ष सभी दावेदारों की रणनीति बदलने को मजबूर कर सकती है।
जिला पंचायत से अवकाश बन सकता है मुश्किल
थराली से दावेदार माने जा रहे भाजपा के नेता मगन लाल शाह की पत्नी मुन्नी शाह जिला पंचायत अध्यक्ष भी हैं, लेकिन कुछ दिनों से जिला पंचायत सदस्यों में नाराजगी और स्वास्थ्य कारणों से मुन्नी शाह अवकाश पर हैं। ऐसे में अध्यक्ष की कुर्सी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और उपाध्यक्ष लखपत बुटोला के पास है। साथ ही चमोली में तीनों विधायक भी कांग्रेस के हैं, लेकिन चुनावों के समय जिला पंचायत अध्यक्ष अपना न होना भी भाजपा के लिए अखर रहा है।
कमल ही होगा निशान
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय का कहना है कि जीएल शाह और ऋतु खंडूड़ी जनाधार वाले नेता हैं, जिसका लाभ पार्टी को मिलेगा। चुनावों में उम्मीदवार मोदी और चुनाव निशान कमल होंगे। टिकट किसे देना है इसे हाईकमान तय करेगा।