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स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है स्वस्थ मन: राज्यपाल

Sat, 05 Mar 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला
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केके पॉल - फोटो : Amar Ujala
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स्वस्थ और लंबी आयु के लिए आवश्यक रूप से बेहतर जीवनशैली को आत्मसात करना चाहिए। अव्यवस्थित जीवन शैली के कारण ही तमाम रोग शरीर में अपना घर बनाते हैं।
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यौगिक क्रियाओं और स्ट्रेस मैनेजमेंट से स्वस्थ जीवन शैली मिल सकती है। यह बात प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पाल ने स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट में आयोजित इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन की 60वीं वार्षिक राष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में कही।

तीन दिवसीय आईपीएचए कॉन का आयोजन
शुक्रवार से कम्यूनिटी मेडिसन विभाग की ओर से स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट में तीन दिवसीय आईपीएचए कॉन 2016 का आयोजन किया जा रहा है। कांफ्रेंस की थीम स्वस्थ जीवनशैली की ओर समग्र दृष्टिकोण है। मेडिकल आडिटोरियम में राज्यपाल डॉ. केके पॉल और कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि समय के साथ जीवनशैली में परिवर्तन आया है।
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कांफ्रेंस के माध्यम से इससे जुडे़ विशेषज्ञ और शोधार्थी अपने अनुभवों को साझा करेंगे। उन्होंने लोगों से हेल्दी लाइफ स्टाइल के प्रति जागरूक होने को कहा। इस दौरान साविनियर का भी विमोचन किया गया। इससे पहले आईपीएचए कॉन के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार और महासचिव डॉ. दीपिका सुर ने कहा कि स्वस्थ जीवन शैली की आवश्यकता को देखते हुए शोध हो रहे हैं।

देश-विदेश से पहुंचे हजारों डेलीगेट
आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. एसडी कांडपाल, डॉ. राकेश कक्कड़ व डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका, दिल्ली, चंडीगढ़, पुणे, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी स्वस्थ जीवन शैली पर व्याख्यान देंगे। कांफ्रेंस में देश-विदेश के हजारों डेलीगेट शामिल होने आए हैं। इस मौके पर डॉ. जयंती सेमवाल, डॉ. एसएल जेठाणी, डॉ. डीडी राय, डॉ एके श्रीवास्तव, डॉ. रुचि जुयाल, डॉ. शिवाशीष डॉ. मयंक बडोला आदि मौजूद रहे। 
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राज्यपाल ने दिया हाईड्रोगा का सुझाव
जौलीग्रांट में आयोजित कांफ्रेंस के उद्घाटन मौके पर प्रदेश के राज्यपाल डॉ केके पाल ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए अहम सुझाव दिए। इसमें यौगिक क्रियाओं की तरह ही उन्होंने हाईड्रोगा क्रिया का एक नया कांसेप्ट दिया। उन्होंने कहा कि अर्थराइटिस या किसी भी कारण से कोई अगर यौगिक क्रियाएं करने या चलने में अक्षम है तो वह पानी में रहकर यह क्रियाएं आसानी से कर सकते हैं। वह रोगी आसानी से हाईड्रोगा से स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।
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