Governor Baby rani maurya
करीब एक घंटे तक शंकराचार्य महाराज से बंद कमरे में वार्ता हुई। इसके बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। वह यमुना की धरती से अब गंगा और यमुना के मायके आकर उनकी आराधना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रही हैं।
जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश के भौगोलिक वातावरण से अवगत कराते हुए यहां पर शिक्षा और पर्यटन हब बनाने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने पर्यटन और तीर्थाटन की स्थिति को स्पष्ट कराने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पर्यटन से प्रदेश में माहौल खराब हो रहा है। इसलिए पर्यटन से तीर्थाटन मंत्रालय अलग किया जाए। इस मौके पर भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, बजरंग दल के प्रदेश संयोजक अनुज वालिया, जिला संयोजक नवीन तेश्वर, देवेंद्र प्रधान, अभिषेक, शिवकुमार त्यागी, रोहित सहगल, डा. गौरव, अशोक त्यागी, जगदीश गुप्ता आदि ने राज्यपाल का स्वागत किया।
समय से पहले ही पहुंचीं राज्यपाल
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य निर्धारित समय से सात मिनट पहले ही पहुंच गईं, जबकि उनका हरिद्वार पहुंचने का समय 11 बजे का नियत था।