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देहरादून: संवासिनियों को देखने अचानक नारी निकेतन पहुंचीं राज्यपाल, एसडीएम और सीएमओ को लगाई फटकार

Mon, 03 Sep 2018 09:17 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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Nari Niketan
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संवासिनियों की तबीयत खराब होने की खबरों का संज्ञान लेते हुए सोमवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अचानक नारी निकेतन पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राज्यपाल के अचानक पहुंचने से निकेतन प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान राज्यपाल को वहां कई खामियां मिली। इस पर उन्होेंने सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता और एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह को भी तलब कर फटकार लगाई। उन्होंने डीएम और सीएमओ को प्रत्येक माह निकेतन के हालातों की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।

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नारी निकेतन में व्यवस्थाओं में सुधार के अधिकारियों से लेकर मंत्री तक दावे कर चुकी हैं। बावजूद इसके सुधार नहीं हो पा रहा है। इस बार मामला हाल ही में नारी निकेतन में बीमार हुई 28 संवासिनियों से जुड़ा है। इसमें भी स्टाफ की लापरवाही सामने आ रही है। भोजन और रहन-सहन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भोजन में उन्हें नियमानुसार पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा है। अब जिला प्रोबेशन कार्यालय तक इस लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है।

नारी निकेतन प्रबंधन की लापरवाही का पता तब चला जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निकेतन पहुंचकर उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित 28 संवासिनियों का उपचार किया गया। मामले का संज्ञान लेते हुए सोमवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने नारी निकेतन पहुंचकर पूरे व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने भी नारी निकेतन की व्यवस्थाओं पर सवाल खडे़ किया अधिकारियों को सुधार लाने के आदेश दिए।
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फिर मामले को दबाने का प्रयास

nari niketan
बता दें कि नारी निकेतन में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी संवासिनी के साथ दुष्कर्म व गर्भपात, पांच संवासिनियों का नारी निकेतन से भागने का प्रकरण, नारी एवं बाल गृह में बच्चों के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आ चुका है। हमेशा ही यहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं। हर बार प्रशासन और सरकार व्यवस्थाओं में सुधार के दावे करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से कोई न कोई खामी उजागर हो जाती है।

फिर मामले को दबाने का प्रयास
चार संवासिनियों की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नारी निकेतन में जाकर उपचार किया। हैरत की बात ये है कि नारी निकेतन की जिम्मेदारी संभाल रहा जिला प्रोबेशन विभाग मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि 28 नहीं, सिर्फ  चार संवासिनियों की तबीयत खराब हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 28 संवासिनियां उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित होनी बताई हैं। बीमार संवासिनियों में चार मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं।  

 
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