उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की मेरिट लिस्ट में टॉप तीन स्थानों पर रहने वाले मेधावियों और सर्वश्रेष्ठ रिजल्ट देने वाले तीन विद्यालयों को गवर्नर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
सोमवार को राजभवन सभागार में राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने यह पुरस्कार प्रदान किए। पहली बार संस्कृत शिक्षा के टॉपर्स को भी अवॉर्ड में शामिल किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने इंटरमीडिएट परीक्षा के टॉपर्स को लैपटॉप देने की घोषणा की।
सोमवार को राजभवन सभागार में हुए समारोह में हाईस्कूल के टॉप तीन, इंटरमीडिएट में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के टॉप तीन छात्रों और छात्राओं के अलावा संस्कृत शिक्षा में पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा के टॉपर्स को सम्मानित किया गया।
पहले स्थान पर रहने वाले छात्र-छात्राओं को 7,000, दूसरे स्थान पर रहने वालों को 5,000 और तीसरे स्थान पर रहने वालों को 3,000 रुपये का नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
सर्वश्रेष्ठ रिजल्ट देने वाले पहले तीन सरकारी स्कूलों को क्रमश: 50,000, 30,000 और 20,000 रुपये की नगद धनराशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राज्यपाल डा. पाल ने सभी स्कूलों को पुरस्कार की धनराशि से उपयोगी पुस्तकें खरीदने को कहा।
गर्मियों की छुट्टी में ‘यूके जीनियस’
राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवॉर्ड रिव्यू करने को कहा। उन्होंने कहा कि अवॉर्ड इसलिए शुरू किया गया ताकि छात्र-छात्राओं में कंपटीशन की भावना पैदा हो और वे बेहतर करने को प्रेरित हों। राज्यपाल ने छात्रों से गर्मियों की छुट्टियों में रचनात्मक काम कर व्यक्तित्व विकास के प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने देखादेखी न करने और पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने जीडीपी में शिक्षा की ढाई फीसदी हिस्सेदारी को बढ़ाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से गर्मियों की छुट्टी में यूके जीनियस नाम से एक प्रतियोगिता कराई जा सकती है, जिसमें बच्चों को उत्तराखंड, उनके क्षेत्र समेत अन्य सामान्य जानकारियों को लेकर सवाल पूछे जाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए।