बड़े पैमाने पर फसलों को क्षति पहुंचा रहे जंगली सूअरों और वनरोज को मारने की अनुमति के साथ सरकार अब शिकारी को कारतूस का खर्च भी देगी।
वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि लोगों को फोरेस्ट गार्ड स्तर पर ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। स्वीकृति के बाद सूअर और वन रोज मारने पर कारतूस का खर्च विभाग देगा।
बिना अनुमति नहीं कर सकेंगे शिकार
वन मंत्री अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि जंगली सूअर और वनरोज मारने के लिए अनुमति लेने वालों को जायज कारण बताना पड़ेगा, बिना अनुमति हर कोई शिकार नहीं कर सकता।
बंदर पकड़ने आएंगे एक्सपर्ट
वहीं, बंदर पकड़ने के लिए मथुरा से एक्सपर्ट बुलाए जाएंगे। ये एक्सपर्ट वनकर्मियों को प्रशिक्षण भी देंगे। वन मंत्री अग्रवाल ने बताया कि बंदरों से संबंधित परियोजना के लिए अनुपूरक बजट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
फिलहाल कैंपा योजना से पांच करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इससे डेढ़ महीने में हरिद्वार और हल्द्वानी में बंदरबाड़ा बनने का काम पूरा हो जाएगा। बाड़े बनते ही बंदरों का बधियाकरण शुरू हो जाएगा।
अग्रवाल ने बताया कि विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद गैरसैंण और हल्द्वानी में 10 और 15 सितंबर के बीच वन पंचायत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।