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बड़े डिग्री कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी खोलेगी सरकार

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राज्य के डिग्री कॉलेजों में किताबों की कमी को दूर करने के लिए पांच हजार से अधिक छात्र संख्या वाले डिग्री कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी खोली जाएगी। योजना के पहले चरण में पिथौरागढ़, गोपेश्वर, हल्द्वानी जैसे बड़े डिग्री कॉलेजों में यह योजना लागू की जाएगी। कालेजों में किताब की कमी के चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई न प्रभावित हो, इसके लिए कॉलेजों को पर्याप्त पुस्तकें मुहैया कराई जाएंगी। उक्त बातें उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कही। वे दून विवि में रूसा की ओर से आयोजित पुस्तक दान अभियान में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि ई-लाइब्रेरी खोलने के लिए कॉलेजों को इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराने के साथ ही अन्य संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। पिथौरागढ़ डिग्री कॉलेज में पुस्तकों की कमी को लेकर हुए आंदोलन के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि कॉलेजों में पुस्तकों की कमी न हो इसके लिए 57 कालेजों के लिए एक करोड़ का बजट मुहैया कराया गया है। एक करोड़ का बजट उच्च शिक्षा निदेशक को मुहैया कराया गया है, जो डिग्री कॉलेजों की मांग के अनुरूप कॉलेजों को बजट मुहैया कराएंगे। इसके अलावा किच्छा स्थित सूरजमल कॉलेज ट्रस्ट की ओर से कुमाऊं क्षेत्र के 10 कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को पुस्तकें मुहैया कराने के लिए 50 लाख रुपये का बजट मुहैया कराया गया है। कॉलेजोें में पुस्तकों की कमी को दूर करने के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री के साथ ही उन्हाेंने स्वयं बजट मुहैया कराया है।
पुस्तक दान अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि अभियान के बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। कुमाऊं व गढ़वाल के दूरदराज क्षेत्रों में स्थित डिग्री कॉलेजों को किताबें मुहैया करायी जा रही हैं। एक दिन पूर्व कुमाऊं क्षेत्र के पांच डिग्री कॉलेजों पतलोट, मालधनसौड़, तल्लासल्ल, शीतलाखेत व दुगमाकुरी जैसे कॉलेजों को पुस्तकें मुहैया कराई गई थी। कार्यक्रम में दून विवि के कुलपति डॉ. सीएस नौटियाल, उच्च शिक्षा निदेशक एसस पंत, रूसा की निदेशक रचना नौटियाल समेत कई कालेजों के प्राचार्य उपस्थित थे।
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पांच कॉलेजों को मुहैया कराई 1042 किताबें
पुस्तक दान अभियान के तहत पांच डिग्री कालेजों कमांद, पावौ, ब्रहमखाल, गुप्तकाशी व नंदासैण के प्राचार्यों को कुल मिलाकर 1042 किताबें मुहैया कराई जा चुकी हैं।
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