दूसरी श्रेणी के तहत 12 लाख रुपये तक के वाहन खरीदे जा सकते हैं। इस श्रेणी में प्रमुख सचिव, सचिव, कमिश्नर, डीजीपी, एससीएफ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस श्रेणी के तहत 15 लाख रुपये तक के वाहन खरीद का प्रस्ताव किया गया है। तीसरी श्रेणी विभाग प्रमुखों, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी की है, जिसके लिए अभी आठ लाख रुपये तक के वाहन खरीदे जा सकते हैं। इस सीमा को 12 लाख करने का प्रस्ताव है।
चौथी श्रेणी निदेशालय व जनपद स्तर के अधिकारियों की है, जिनके लिए वाहन खरीद की सीमा छह लाख निर्धारित है। इस सीमा को बढ़ाकर आठ लाख करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा किराये पर लिए जाने वाले वाहनों के लिए नए प्रस्ताव में सात श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें छोटे वाहनों के लिए 30 हजार रुपये तक और बड़े वाहनों के लिए 77,000 रुपये मासिक किराये का प्रस्ताव है।
अभी वाहनों की विशेषता के हिसाब से तीन श्रेणियां हैं जिनके लिए क्रमश: 30 हजार, 37 हजार व 42 हजार रुपये किराया दरें तय हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उपस्थित ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित दरों को महंगाई के सापेक्ष कम माना और इसमें संशोधन का सुझाव दिया। सचिव परिवहन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र दोबारा प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रस्तुत करें। अगली बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है।
श्रेणी वर्तमान दरें प्रस्तावित दरें
ए 15 लाख 20 लाख
बी 12 लाख 15 लाख
सी 08 लाख 12 लाख
डी 06 लाख 10 लाख
वाहन क्रय नीति के प्रस्ताव पर अभी विचार विमर्श हो रहा है। प्रस्ताव को जल्द फाइनल कर इसे कैबिनेट में अनुमोदन के लिए लाया जाएगा।
- अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव परिवहन