लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने विलय होने वाले प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को जूनियर हाईस्कूल तक पहुंचाने में लगने वाले किराया-भाड़े का स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। गत दिनों सरकारी विद्यालयों की बदहाली को देखते हुए जिले में पिछले दिनों एक निजी संस्था ने 100 सरकारी स्कूलों को गोद लेने का एलान किया है।
जिन प्राथमिक विद्यालयों का विलय हो रहा है, उन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को दृसरे विद्यालयों तक पहुंचने पर लगने वाला किराया-भाड़ा सरकार देगी। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा इसकी रणनीति बना ली गई। शासन स्तर पर इसकी लिए मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है।
- हीरालाल गौतम, सीईओ, ऊधमसिंह नगर