दून ट्रेवल्स आनर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार व परिवहन विभाग से मांग की है कि गाड़ियों के इंश्योरेंस में कम से कम 50 फ़ीसदी की छूट जाए और जिन गाड़ियों का बीमा 22 मार्च के बाद खत्म हो गया है या खत्म होने वाला है, उनमें कम से कम तीन महीने की वैधता बढ़ाई जाए।
इसके साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि नई दिल्ली सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सभी वाहन चालकों को पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे चालकों को थोड़ी राहत मिल सके।
दून ट्रेवल्स ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव अनमोल अग्रवाल का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से गाड़ियों का संचालन पूरी तरह से ठप है । ऐसे में गाड़ी संचालकों के साथ ही चालकों को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है ।
अनमोल अग्रवाल का कहना है कि राज्य सरकार व परिवहन विभाग को लॉकडाउन अवधि में सभी व्यावसायिक वाहनों पर सभी प्रकार के टैक्स माफ करने चाहिए। जैसा साल 2013 में आई केदारनाथ आपदा के दौरान किया गया था। साथ ही बैंकों से लोन लेकर खरीदी गई गाड़ियों पर दी जा रही किस्त में भी ब्याज में छूट दी जाय।
लॉकडाउन के चलते पूरे राज्य में टैक्सी व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। गाड़ी संचालकों के सामने गंभीर वित्तीय संकट है। स्थिति यह है कि तमाम गाड़ी संचालक अपने चालकों को तनख्वाह भी नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में सरकार को टैक्सी संचालकों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।