राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कोरना जांच की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने जरूरी तैयारी पूरी कर इसकी रिपोर्ट इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को भेज दी है। काउंसिल की ओर से इसके लिए सैद्धान्तिक अनुमति भी दे दी गई है।
साथ ही कुछ जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, अब तक प्रदेश में कोरोना संक्रमित और कोरोना संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच राजकीय सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की लैब में ही हो पा रही है।
जिससे जांच रिपोर्ट आने में 3 से 4 दिन का समय लग जा रहा है। सरकार की अनुमति के बाद पटेलनगर स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में चौथी मंजिल पर लैब के लिए तैयारी लगभग पूरी हो गई है। इसमें इस लैब को वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब नाम दिया गया है। दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि लैब को तैयार करने में और जांच करने के लिए कॉलेज के पास साइंटिस्ट, रिसर्च टेक्नीशियन, प्रोफेसर और अन्य रिसर्चर मौजूद हैं।
इनमें से कुछ नेशनल इंस्टीटट्यूट ऑफ बायोलॉजी लैब पुणे में और एम्स नई दिल्ली में काम करने का अनुभव रखते हैं। यह लैब फिलहाल तो कोरोना संक्रमण की जांच के काम आएगी। इसके अलावा भविष्य में मेडिकल स्टूडेंट की ट्रेनिंग रिसर्च और स्वाइन फ्लू समेत विभिन्न वायरस की जांच और रिसर्च के काम भी आएगी।
प्रिंसिपल ने बताया कि लैब से आई सैंपल की जांच रिपोर्ट को आईसीएमआर क्रॉस चेक करता है। उसके बाद उम्मीद है कि जल्द ही लैब को जांच के लिए हरी झंडी मिल जाएगी। जिसके कारण मरीजों की और संदिग्धों की जनश रिपोर्ट जल्द मिल सकेगी।