प्राइवेट स्कूलों की फीस पर नियंत्रण रखने के लिए राज्य के साथ केंद्र सरकार के एक्ट के जरिये भी शिकंजा कसा जाएगा। मानव संसाधन विभाग ने इसके लिए एक्ट तैयार कर लिया है। इसमें फिक्की कॉलेजियम के शिक्षण संस्थान संचालित करने वाले बिड़ला, खेतान आदि ग्रुप के विशेषज्ञों की भी राय ली गई है।
केंद्र का यह एक्ट राज्य के साथ मिलान करने के बाद उत्तराखंड में भी लागू किया जाएगा। शुक्रवार को दिल्ली में हुई बैठक में उत्तराखंड के कुछ सख्त प्रावधानों को नरम करने के लिए कहा गया है। पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर इसे यूपी और आंध्रप्रदेश में लागू किया जाना है।
केंद्र के एक्ट के संबंध में दिल्ली में हुई बैठक में 20 राज्यों के आला अधिकारियों ने शिरकत की। उत्तराखंड के महानिदेशक शिक्षा एवं अपर सचिव कैप्टन आलोक शेखर तिवारी भी मौजूद रहे। इस मौके पर केंद्र के एक्ट से उत्तराखंड के एक्ट का भी मिलान किया गया।
इसमें राज्य के एक्ट के प्रावधान की अवमानना करने वाले स्कूल प्रबंधन के जिम्मेदारों को जेल भेजने के मामले में केंद्र ने थोड़ी नरमी बरतने के लिए कहा है। इसके साथ ही स्कूल में एक बार के प्रवेश शुल्क पर एक से कक्षा 12 तक पढ़ाई किए जाने के प्रावधान पर भी केंद्र और राज्य में फर्क आ रहा है।
केंद्र के एक्ट में एक से कक्षा 12 के बीच तीन बार प्रवेश शुल्क लिए जाने का प्रावधान किया है। महानिदेशक तिवारी ने बताया कि केंद्र और राज्य के एक्ट के प्रावधानों का मिलान करने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।