शासन ने एसआईटी जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच करने को भी कहा है। इस मामले में बृहस्पतिवार को अपर सचिव गृह कृष्ण कुमार वीके ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। बता दें कि अधिवक्ता राजेश सूरी ने देहरादून के दौलत राम ट्रस्ट भूमि घोटाले का पर्दाफाश किया था।
दौलत राम ट्रस्ट की जमीन बिक्री में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट शासन ने पुलिस से तलब की है। इस मामले की जांच के लिए डेढ़ दशक बाद पिछले साल एसआईटी गठित की थी।
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शासन ने एसआईटी जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच करने को भी कहा है। इस मामले में बृहस्पतिवार को अपर सचिव गृह कृष्ण कुमार वीके ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है।
बता दें कि अधिवक्ता राजेश सूरी ने देहरादून के दौलत राम ट्रस्ट भूमि घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस मामले में उन्होंने वर्ष 2002 में एडीएम देहरादून के समक्ष गुप्त बयान भी दर्ज कराए थे। इस घोटाले का मुकदमा दर्ज कराने के बाद 30 नवंबर 2014 को सूरी हाईकोर्ट नैनीताल से दून लौट रहे थे, इसी दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
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इस मामले में पिछले साल फिर से जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने मेरठ और नगर निगम देहरादून से दस्तावेज तालाब किये थे। इसके बाद से इसकी जांच का कोई पता नहीं चला। इस पर राजेश सूरी की बहन रीता सूरी ने शासन को शिकायत की थी।