उत्तराखंड शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रहा है।
विभागीय अधिकारी एसी कमरों में बैठक सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या और शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जता रहे हैं लेकिन, धरातलीय हकीकत यह है कि विभाग सरकारी स्कूलों में शिक्षा ले रहे नौनिहालों को सुविधाएं मुहैया कराना तो दूर सुरक्षित छत तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
आलम यह है कि जनपद पौड़ी के आठ ब्लाकों में 129 विद्यालयों के भवन गिरने के कगार पर हैं। विभागीय लचर कार्यप्रणाली के चलते भवनों का पुनर्निर्माण नहीं हो पा रहा है। हजारों बच्चों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है।
जिला पौड़ी के दुगड्डा, जयहरीखाल, नैनीडांडा, बीरोंखाल, रिखणीखाल, यमकेश्वर, एकेश्वर और द्वारीखाल ब्लाक में प्राथमिक से इंटर तक के सरकारी विद्यालयों के जर्जर भवनों की लिखित रिपोर्ट संबंधित बीआरसी और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से लगातार विभागीय आला अधिकारियों को प्रतिवर्ष भेजी जा रही है। लेकिन, वर्षों से जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे कारण बारिश से बच्चे डर-डर कर शिक्षा लेने को मजबूर हैं।
यह बात सही है कि जिले में अधिकतर विद्यालय जर्जर हाल में है। इसके लिए सभी बीईओ कार्यालयों से उनके जर्जर भवनों पर रिपोर्ट मांगी गई है। सभी भवनों की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बार शासन से बजट आने पर जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाएगी।
आठ ब्लाकों के बीईओ कार्यालय से मिले आंकणों के आधार पर जर्जर विद्यालय भवनों की स्थिति:
ब्लाक - जर्जर भवन
दुगड्डा - 11
जयहरीखाल - 10
नैनीडांडा - 16
बीरोखस्त्रत्त्ल - 42
रिखणीखाल - 14
एकेश्वर - 05
द्वारीखाल - 17
यमकेश्वर - 14