सरकार का महिला सम्मान
का नारा महज एक जुमला
- शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का विरोध 70वें दिन भी जारी
- आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर। शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में क्षेत्रीय लोगों का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 70वें दिन भी जारी रहा। लोगों ने प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं शामिल रहीं।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार की अनदेखी के कारण क्षेत्रीय लोगों को प्लांट के विरोध में अपना घर परिवार और व्यापार छोड़कर सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार का महिला सम्मान का नारा महज एक जुमला है। वास्तव में यदि सरकार को महिलाओं के हक की चिंता होती तो वह प्लांट को अन्यत्र शिफ्ट करती। मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद भी अब तक प्लांट के मुद्दे पर नगर निगम और प्रदेश सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकी है। नियमानुसार प्लांट आबादी क्षेत्र से दूर स्थापित होना चाहिए, लेकिन सरकार ने सभी नियमों को ताक पर रखकर प्लांट को शीशमबाड़ा में स्थापित कर दिया। अब प्लांट की दुर्गंध के कारण 10 किमी के दायरे में रहने वाले लोगों का घरों के भीतर तक रहना मुश्किल हो रहा है। मामले में मुख्यमंत्री, विधायक और सांसद तक सब मौन हैं। मामले में चंद कागजी कार्रवाई कर लोगों को झूूठा दिलासा देने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन करने वालों में आशा रावत, नीमा जोशी, सुलोचना रावत, कुसुम भट्ट, शशिलता भट्ट, रजनी चतुर्वेदी, सुमित्रा सती, सपना शर्मा, मिट्ठन लाल, रविकांत सिंघल, सुधीर रावत, शशि कुमार, अरविंद भट्ट, रवींद्र भट्ट, अनिल भट्ट, ललित चतुर्वेदी, जितेंद्र गुप्ता, अमित अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, आशा कंडारी, आहना रावत, सीएम जोशी, राहुल कुकरेती, गणेश रतूड़ी, राजीव श्रीवास्तव, अमन सेतीया, सतीश राणा, मोहसिन खान, दिलशाद, अकबर, एके झा, वेदप्रकाश आदि शामिल रहे।