अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने संशोधन नागरिकता कानून (सीएए) का समर्थन करने के साथ कहा कि केंद्र सरकार को बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में रह रहे हिंदुओं से पहले हिंदुस्तान में ही शरणार्थी बनकर रह रहे हिंदुओं की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कश्मीर से निकाले गए हिंदू अपने घर कब लौटेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार की कई नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि एक साल पहले तक 73 प्रतिशत भारत में राज कर रही भाजपा अब केवल 37 प्रतिशत तक सिमट गई है।
शनिवार को जयराम आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि देश में नागरिकता संशोधन कानून बनना ठीक है। सरकार के इस कदम का हम स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की चिंता करने वाली सरकार को मुसलमानों द्वारा ननकाना साहब में किए गए हमले को गंभीरता पूर्वक लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान पर हमला किया था उसी तर्ज पर सरकार को पाकिस्तान पर हमला कर उसके दो टुकड़े कर देने चाहिए। एक हिस्से में हिंदुओं के लिए अलग देश बनाकर उसकी राजधानी ननकाना साहब को घोषित कर देनी चाहिए।
राम मंदिर को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले का स्वागत करते हुए प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि करीब 450 साल बाद हिंदू समाज को विजय मिली है। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष इस फैसले का श्रेय लेना चाहता है तो उचित नहीं है। इस मौके पर समाजसेवी डा. विशाल गर्ग, विवेक गर्ग, विक्रम सिंह, जेपी बडोनी, वीर गुर्जर आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम एक्ट के मामले में हिंदूवादी नेता डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने सरकार को चुनौती दी है। डॉ. तोगड़िया ने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार में हिम्मत है तो वह यहां की मस्जिदों और चर्चों को अधिग्रहित करके दिखाए। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि विकास के नाम पर क्या मंदिर ही हड़पे जाएंगे? चुटकी लेते हुए कहा कि यदि यह सब विकास के नाम पर हो रहा है तो मस्जिदों और चर्चों का भी विकास करके दिखाए सरकार।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया शनिवार को प्रदेश की राजधानी में एक पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा, विहिप और आरएसएस लगातार तीस सालों से मंदिरों के अधिग्रहण की बात का विरोध करती आ रही थी, लेकिन अब भाजपा ने जो किया वह क्या आदर्शों के खिलाफ नहीं है?
एनडी तिवारी इस एक्ट को ला रहे थे तो वो गलत थे, लेकिन वर्तमान सरकार लाई तो वह गलत नहीं है। उन्होंने पिछले दिनों शराब फैक्ट्री के मामले को भी इसके जैसा ही बताया। कहा कि हरीश रावत यहां शराब की फैक्ट्री लगा रही थी तो वह गलत थी, लेकिन अब भाजपा ने लगाई तो वह सही कैसे हो गई? यह सरकार का दोहरा रवैया नहीं तो और क्या है।