फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार नहीं चाहती नगर निगम हो ‘पॉवरफुल’

Mon, 09 Dec 2013 10:37 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य की पहली नगर निगम ने सोमवार को 16 साल पूरे कर लिए। हालांकि आपदा और मोदी की रैली के मद्देनजर इस बार निगम में कोई भी जश्न या आयोजन नहीं किया गया। लेकिन, मेयर विनोद चमोली ने स्थापना दिवस पर सरकार को कटखरे में खड़ा जरूर किया।
विज्ञापन


कूड़ा उठान प्रोजेक्ट फ्लाप
उन्होंने प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि राज्य में किसी भी दल की सरकार रही हो। उसने निकायों को कमजोर करने की ही साजिश की है।

प्रेस वार्ता में उन्होंने निगम के अधिकारियों पर शासन की कठपुतलियां की तरह काम करने का आरोप लगाया तो डोर-टू-डोर कूड़ा उठान प्रोजेक्ट को फ्लाप करने का आरोप भी।

मेयर विनोद चमोली ने कहा कि 1998 में देहरादून जब नगर निगम बना था तो यह उत्तरप्रदेश की 12 वां निगम था। वहीं राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की यह पहली निगम हुई। ्र
विज्ञापन


निगम एक्ट नहीं बना
निगम के स्थापना को 15 साल हो गए, लेकिन अभी तक सरकार ने निगम एक्ट नहीं बनाया। उन्होंने कहा असल में, सरकार निगम को केवल चुनाव के दौरान उपयोग करने के लिए करती है।

उसकी मंशा निकायों को अधिकार देने का नहीं है। मेयर चमोली ने कहा केंद्र ने निगम एक्ट में 74 वां संशोधन किया है। लेकिन उत्तरखंड सरकार उसे लागू करने को तैयार नहीं।

सरकार ने लगाया अड़ंगा
उन्होंने कहा चाहे वह भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की। सबने एक-एक कर निगम से कमाऊ विभाग छीन लिए। उसके बाद निगम की आर्थिक हालत खराब होने लगी।

उसके बाद सरकार कहती है कि निगम को अपने पांव पर खड़ा होना चाहिए। निगम की आय बढ़ाने का एक साधन हाउस टैक्स था। उसमें भी सरकार ने अड़ंगा लगा रखा है। ऐसे में कैसे निगम चलेगा।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें