प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आज से उपचार का खर्च बढ़ जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार हर साल सरकारी अस्पतालों में एक जनवरी से 10 फीसदी यूजर चार्ज बढ़ा दिया जाता है।
ओपीडी और आईपीडी दोनों ही शुल्कों में यह बढ़ोत्तरी होगी। हालांकि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में शुल्क बढ़ोतरी नहीं होगी।
विभाग के नियमों के अनुसार आज से सभी सरकारी अस्पतालों में यूजर चार्ज में बढ़ोत्तरी होगी। अभी तक सरकारी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन चार्ज 17 लिया जाता था, जो अब 1.7 बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। वहीं अन्य शुल्क में भी बढ़ोत्तरी होगी। सभी तरह की पैथोलॉजी व अन्य जांचों, भर्ती, ऑपरेशन व अन्य सुविधाओं के शुल्क में भी वृद्धि हो जाएगी।
टीचिंग अस्पताल के शुल्क में नहीं होगी कोई बढ़ोत्तरी
इससे भर्ती और ओपीडी में आने वाले मरीजों को उपचार के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह बढ़ोत्तरी बहुत ज्यादा नहीं होगी लेकिन गरीब मरीजों की जेब पर बोझ डाल सकती है।
हालांकि मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पताल के शुल्क में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन होने के कारण अस्पतालों में पुराना शुल्क ही लिया जाएगा।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के अस्पताल के शुल्क पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि कोरोनेशन, प्रेमनगर और अन्य सरकारी अस्पतालों की फीस में बढ़ोत्तरी होगी।