हस्तपुस्तिका के प्रावधान से पूर्व वित्त विभाग ने वाहन भत्ते के संबंध में तीन शासनादेश जारी किए थे। इनके अनुसार, 2013 में उन फील्ड कर्मियों का वाहन भत्ता बढ़ाकर 1200 रुपये कर दिया गया था, जिन्हें इसके लिए 200 रुपये मिल रहे थे।
दूसरे शासनादेश में उन कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाकर 1200 रुपये किया गया, जिन्हें 50 रुपये निश्चित यात्रा देयक मिल रहा था। इनके अलावा जो फील्ड कर्मचारी सरकारी काम के लिए निजी वाहन का इस्तेमाल करते थे, उन्हें भी विभागाध्यक्ष के प्रमाणित किए जाने के उपरांत वाहन भत्ते देने की सुविधा दी गई थी।
उन्हें भी 1200 रुपये वाहन भत्ता मिल रहा था। लेकिन 26 नवंबर 2017 को सरकार की वित्तीय हस्तपुस्तिका के प्रावधान लागू होने के उपरांत हजारों फील्ड कर्मियों को वाहन भत्ते का लाभ मिलना बंद हो गया। इससे कर्मचारियों में निराशा व्याप्त हो गई। कर्मचारी संगठनों ने भी यह मांग सरकार से उठाई और सरकार ने सैद्धांतिक सहमति देने के उपरांत इसके आदेश जारी कर दिए। उत्तराखंड शिक्षक-कर्मचारी, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह ने मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री तथा सचिव वित्त का आभार प्रकट किया है।