उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने अपर मुख्य सचिव के निजी बसें चलाने का परमिट निरस्त करने के आश्वासन पर 16 जनवरी से प्रस्तावित कार्यबहिष्कार स्थगित कर दिया है। वहीं, मोर्चा ने 30 जनवरी तक शासनादेश निरस्त नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को शासन में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की मोर्चा के साथ बैठक हुई। बैठक में प्राइवेट ऑपरेटरों को परमिट जारी करने का शासनादेश निरस्त करने की बात पर सहमति बनी। वहीं, पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन से हो रहे नुकसान को कम करने की दिशा में जल्द कार्रवाई की बात कही गई। इसके अलावा डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माने की धनराशि में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया।
वहीं, बैठक के दौरान रोडवेज कर्मचारियों को जनवरी में नवंबर और दिसंबर के वेतन का भुगतान करने की भी बात कही गई। इसके बाद मोर्चा ने 30 जनवरी तक के लिए कार्यबहिष्कार स्थगित कर दिया। इस मौके पर निगम प्रबंधन की ओर से अपर मुख्य सचिव के अलावा अपर सचिव परिवहन एचसी सेमवाल, अपर सचिव वित्त अरुणेश चौहान, प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत, वित्त नियंत्रक पंकज तिवारी तथा महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन मौजूद रहे।
वहीं, मोर्चा की ओर से उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी, रोडवेज संयुक्त परिषद के महामंत्री दिनेश पंत, उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहदेव सिंह, इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री भोला जोशी, मोर्चा के संयोजक विपिन बिजल्वाण, दयाकिशन पाठक आदि मौजूद रहे।