फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, सरकार के इस फैसले के बाद हो जाएगी बल्ले-बल्ले

Thu, 20 Sep 2018 10:52 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
money - फोटो : demo pic
विज्ञापन

सरकारी कर्मचाारियों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने सातवां वेतनमान ले रहे करीब पौने दो लाखों कर्मचारियों को सरकार ने दो फीसदी महंगाई भत्ते (डीए) की किस्त जारी कर दी है। भत्ते का लाभ अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी मिलेगा। 

विज्ञापन


इससे कर्मचारियों के मूल वेतन में करीब 400 से पांच हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की अनुमान है। डीए का भुगतान करने से राज्य सरकार पर करीब 300 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी के मुताबिक, कर्मचारियों को देय डीए की दर सात फीसदी से बढ़कर अब नौ फीसदी हो गई है। 

महंगाई भत्ते का यह लाभ एक जुलाई 2018 से मिलेगा। सितंबर 18 तक कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई राशि उनके भविष्य निधि खाते में जमा होगी। नकद भुगतान एक अक्तूबर से देय होगा।
विज्ञापन


डीए का लाभ राजकीय कर्मियों के अलावा स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राजकीय विश्वविद्यालयों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों को भी मिलेगा। अंशदायी पेंशन योजना के तहत कार्मिकों के अवशेष एरियर में से 10 फीसदी राशि पेंशन अंशदान तथा उतनी ही धनराशि नियोक्ता के अंश के साथ पेंशन खाते में जमा होगी।  

विज्ञापन

रोडवेज के चालकों-परिचालकों का रात्रि विश्राम भत्ता भी बढ़ा

demo pic
वहीं, शासन ने उत्तराखंड रोडवेज के चालकों-परिचालकों का रात्रि विश्राम भत्ता बढ़ाने का आदेश बुधवार को जारी कर दिया है। इसके तहत करीब चार हजार चालकों-परिचालकों लाभ मिलेगा।

बढ़ी दरें एक अक्तूबर से लागू होंगी। महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने बताया कि अभी तक मैदान और पर्वतीय स्थान के लिए 60 रुपये प्रति रात्रि के हिसाब से भुगतान किया जाता है। नए आदेश के बाद मैदानी क्षेत्र के चालकों-परिचालकों को 75 और पहाड़ी क्षेत्र में 112.50 रुपये प्रति रात्रि के हिसाब भुगतान मिलेगा। 

प्रदेश में रोडवेज की करीब 1300 बसें चलती हैं और करीब चार हजार चालक-परिचालक कार्यरत हैं। बता दें, बीते दिनों उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने रोडवेज महाप्रबंधक संचालन से रात्रि विश्राम भत्ता बढ़ाने की मांग की थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें