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उत्तराखंड: कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार, सरकार ने दी काम नहीं तो वेतन नहीं की चेतावनी

Mon, 27 Aug 2018 08:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रदर्शनकारी - फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड कार्मिक शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने 13 सूत्रीय मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया। राजधानी समेत प्रदेश भर के कार्यालयों में कामकाज ठप रहा है और मोर्चा से जुड़े घटक संघों ने धरना-प्रदर्शन किया। उधर, मोर्चा के कार्यबहिष्कार को लेकर प्रदेश सरकार के तेवर तल्ख हो गए हैं। सरकार ने हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार की ओर से आंदोलनकारी कर्मचारियों को आगाह किया गया है कि राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत हड़ताल प्रतिबंधित है। सरकार ने पूर्व में जारी शासनादेश के माध्यम से काम नहीं तो वेतन नहीं की चेतावनी दी है।

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अपर मुख्य सचिव  (कार्मिक) राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, निगमों व संस्थानों के प्रबंध निदेशकों और वरिष्ठ कोषाधिकारियों व कोषाधिकारियों को पत्र जारी कर आठ जनवरी 2013 को जारी शासनादेश का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। इस शासनादेश के तहत आदेश दिए गए हैं कि कार्य नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत पर हड़ताल या कार्यबहिष्कार रहने वाले कार्मिकों को वेतन का भुगतान न किया जाए। हर महीने की 24 तारीख तक हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारी का वेतन का भुगतान रोक लिया जाए। विभागाध्यक्ष व कार्यालय अध्यक्ष अपने अधीनस्थ कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति की कड़ाई से जांच करें और कार्य बहिष्कार पर रहने वाले कार्मिक पर कार्रवाई करें।

हड़ताल या कार्य बहिष्कार पर ये भी हैं आदेश 
-किसी भी दशा में उपार्जित अवकाश या अन्य प्रकार के अवकाश नहीं जुड़ेंगे और इसे सेवा में व्यवधान माना जाएगा।
-अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी कर्मचारी को सामान्य रूप में अवकाश स्वीकृत नहीं होगा
-अत्यावश्यक सेवाओं के मामले में अनुरक्षण अधिनियम को लागू किया जाए
-हड़ताल या कार्य बहिष्कार में जो कर्मचारी कार्य पर आते हैं, उन्हें सुरक्षा दी जाएगी
-शिथिलता बरतने पर विभागाध्यक्ष व कार्यालयध्यक्ष के विरूद्ध कार्रवाई होगी

मोर्चा हड़ताल या कार्य बहिष्कार को हर बार टालता रहा। मांगों पर सरकार के उदासीन रुख ने अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार के लिए मजबूर किया। कर्मचारियों को भारी नाराजगी है। मोर्चा कोई टकराव नहीं चाहता। बातचीत के विकल्प अब भी खुले हैं।
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- ठाकुर प्रहलाद सिंह, मुख्य संयोजक, संयुक्त कार्मिक मोर्चा

हड़ताल किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी जल्द सिफारिश दे देगी। उम्मीद है कि समस्या का समाधान हो जाएगा। हम सबको राज्य हित में काम करना है। राज्य सरकार हमेशा कर्मचारियों के हित में रही है।
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- मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता

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