प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव तो तय समय 29 मार्च तक ही कराना चाहती है, लेकिन अधिसूचना जारी करने के लिए कुछ दिन का समय और चाहती है।
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शनिवार देर रात तक सरकार की ओर से पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई। जबकि राज्य निर्वाचन आयोग इंतजार करता रहा।
1 मार्च तक खींचना चाहती है सरकार
पंचायती राज विभाग के सूत्रों की मानें तो सरकार अधिसूचना को कम से कम सात दिन यानी पहली मार्च तक खींचना चाहती है। हालांकि कानूनी दांव पेंच से बचने के लिए देहरादून की रैली के बाद सोमवार को भी अधिसूचना जारी की जा सकती है।
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राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि बिना सरकार के अधिसूचना जारी किए वह अपना कदम आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।
हाईकोर्ट को भेजा चुनावी कार्यक्रम
आयोग ने हाईकोर्ट की दस दिन की मोहलत के बाद अपना नया चुनावी कार्यक्रम सरकार को भेज दिया है। अब अधिसूचना का इंतजार है।
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दूसरी ओर पंचायती राज विभाग के कुछ अधिकारी शनिवार को दिल्ली भी भेजे गए थे। सरकार इस मुद्दे पर कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर सर्वोच्च न्यायालय से कुछ राहत चाहती है।
वहीं कैबिनेट के बैठक के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठकर इस मुद्दे पर देर रात तक चर्चा की।