उत्तराखंड के संबंध में विभिन्न अदालतों से आ रहे फैसले अब सरकार को अखरने लगे हैं। ताजा मामला नदियों पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट का है।
इस मामले में सीएम विजय बहुगुणा ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार चलाने के लिए अदालतों की मदद नहीं चाहिए। अलबत्ता उनके सुझाव और मार्गदर्शन का वे सम्मान करते हैं।
अदालत ने नया कुछ नहीं कहा
नदियों के किनारे निर्माण प्रतिबंधित करने के हाईकोर्ट के फैसले पर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि सरकार पहले ही नदियों के किनारे से 200 मीटर तक निर्माण पर रोक लगा चुकी है। इस मामले में अदालत अब नया क्या कह रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी फैसला मौजूदा निर्माण पर लागू नहीं होगा। हां, आगे से कोई नया निर्माण न हो, इसकी हिदायत अफसरों को दी गई है। इसमें किसी तरह की लापरवाही मिलने अथवा शिकायत आने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अदालती कार्यों की तैयारियों के लिए वक्त नहीं
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भेजे शपथपत्र में जरूरी तथ्य मुहैया नहीं कराने पर अफसरों के बारे में ट्रिब्यूनल की सख्त टिप्पणी पर सीएम ने कहा कि राज्य के अधिकारी अभी आपदा प्रबंधन में लगे हैं। उनके पास अदालती कार्यों की तैयारियों के लिए वक्त ही कहां है।
हर मामले में किसी न किसी कोर्ट से दिशा-निर्देश आने संबंधी सवाल पर सीएम ने कहा कि कोर्ट को भी तो काम करने को कुछ न कुछ चाहिए। वह अपना काम कर रही है, सरकार अपना।
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