अब प्रशासन ने 17 लोगों को नोटिस भेजकर उन्हें दिया गया एक करोड़ 61 लाख पांच हजार से अधिक का मुआवजा लौटाने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि इन लोगों के भवन सरकारी भूमि में बने हैं। इसलिए उन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में शामिल कर प्रतिकर मुआवजा लौटाने को कहा है।
वहीं प्रभावित लक्ष्मण सिंह रावत का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित हैए जिन लोगों को नोटिस जारी किए हैं उनके सामने रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से मुआवजा लौटाने का नोटिस रद करने की मांग की।