अब सरकारी और निजी स्कूलों की ग्रेडिंग के लिए बारह सदस्यीय स्वतंत्र बोर्ड का एक प्राधिकरण बनाया जाएगा। जोकि एक मजबूत और सुलभ सार्वजनिक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करेगा।
प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों की अब ग्रेडिंग की जाएगी। राज्य में प्रस्तावित विद्यालय मानक प्राधिकरण इस ग्रेडिंग के आधार पर स्कूलों को प्रमाणपत्र प्रदान करेगा। यह प्राधिकरण शिक्षा के क्षेत्र में एक नियामक निकाय के रूप में कार्य करेगा।
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प्राधिकरण के गठन को लेकर एससीईआरटी ने नए सिरे से प्रारूप तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह निजी स्कूलों की ओर से आर्थिक लाभ के लिए किए जा रहे शिक्षा के व्यावसायीकरण पर रोक लगाएगा। साथ ही, अभिभावकों के आर्थिक शोषण पर भी अंकुश लगाएगा।
प्राधिकरण एक बारह सदस्यीय स्वतंत्र बोर्ड होगा, जिसके सदस्यों का कार्यकाल तीन साल का होगा। जिसे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। यह एक मजबूत और सुलभ सार्वजनिक शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित करेगा।
इसके अलावा, प्राधिकरण स्कूलों की मान्यता के लिए शुल्क भी तय करेगा। अपर निदेशक एससीईआरटी पद्मेंद्र सकलानी ने बताया कि प्राधिकरण की स्थापना को लेकर कुछ आपत्तियां थी। इन आपत्तियों का निपटारा कर शासन को नया प्रस्ताव भेज दिया गया है।