हुआ यूं कि देहरादून स्थित पेयजल निगम कार्यालय में कुछ लोग अधिकारियों को ज्ञापन देने पहुंचे थे।
फोन कर हाल जाना
इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद संग कई लोगों ने काफी अधिकारी से बात की। जब लोग संतुष्ट नहीं हुए तो संबंधित अधिकारी ने फोन कर हाल जाना और बताया कि कुछ लोग यहां घेराव करने आए हैं।
इस पर लोगों ने कहा जी हम तो आराम से बात करने आए हैं, हम कहां घेराव कर रहे हैं। इस पर वहां बैठे अधीक्षण अभियंता ने भी कहा कि हां जी, यह घेराव नहीं है।
इतने में संग आया एक नेता भड़क उठा और बोला कि जी मैं तो जीडीएफ का अध्यक्ष हूं, मैं जानता हूं कि घेराव कैसे होता हूं। अभी बताऊं कि घेराव कैसे करते हैं? यह सुनकर वहां खड़े बाकि लोग उसका मुंह ताकने लगे।