इन दिनों महानगर अध्यक्ष के लड़के पर सबकी भृकुटि तनी है। सारे नेताओं को अध्यक्षजी का बालहठ नहीं खलता।
बातें मनवाने के लिए वादें
लेकिन उनका लड़का आंखों की किरकिरी बना है। अध्यक्ष जी क्या करें? अब उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपनी बातें मनवाने के लिए ‘ऊपर-नीचे’ का वाद शुरु कर दिया है।
दिल्ली में जाकर उन्होंने अपने आका से शिकायत की है कि वह नीचे की हैं, इससे ऊपर के लोग उनका विरोध कर रहे हैं। हकीकत में अध्यक्ष चाहती हैं कि सारे स्थानों पर उन्हीं के ‘चेले’ रहें।