खेल विभाग ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम घोषणाएं कर दी हैं। मगर अभी तक शायद ही कुछ लागू हो सकी हैं। एक बार फिर समीक्षा बैठक में नई योजनाएं बन गई और घोषणा हुई।
जिसकी जानकारी खिलाड़ियों को मिली, तो पवेलियन ग्राउंड में एक खिलाड़ी बोला भई यहां तो हर रोज घोषणा होती हैं, आज तक तो एक भी पूरी नहीं हुई। तभी दूसरा बोला यार इस बार तो मुख्यमंत्री ने की है, पूरी तो हो ही जाएगी।
तभी तीसरा बोला, खुद मुख्यमंत्री की घोषणाएं अभी पूरी नहीं हो सकी हैं, तो अब क्या होंगी। तीनों बात कर ही रहे थे तभी एक बुजुर्ग आए और उनकी बात सुनकर बोले सब्र करो, सब मिलेगा।
इस पर खिलाड़ी बोले बाबा आप भी खिलाड़ी हो, तो बुजुर्ग ने हां में जवाब दिया और बोले मैं तो यहीं पवेलियन में ही फुटबॉल खेलता था।
तो एक खिलाड़ी बोला बाबा आपको आज तक कुछ मिला, बुजुर्ग ने इनकार किया, तो तीनों हंसते हुए बोले आपने सब्र किया तो आपको क्या मिला। अब हम करेंगे तो क्या मिलेगा, घोषणा है बस होती ही रहती है।