राजधानी देहरादून में एक नेताजी आजकल बहुत परेशान हैं। हालांकि कई बड़े नेताओं की वह गुड लिस्ट में हैं।
नेता कर रहे उनका गलत यूज
उनके पास पार्टी के युवा संगठन का ओहदा भी है। कहते हैं कि आदर्शों और विचारधारा के चक्कर में वह पार्टी में आए थे। लेकिन नेता उनका गलत यूज कर रहे।
जब किसी मकान को खाली करवाना होता है और कब्जा करवाना होता है तो नेता कहते हैं कि वहां चले जाओ, मामला निपटवाओ। अब स्थिति है कि लोग मुझे नेता नहीं गुंडा समझने लगे हैं। इसी से अब राजनीति छोड़ रहा हूं।