‘दून’ में भी आजकल एक ‘दामाद श्री’ लोगों को अपनी ताकत दिखा रहे हैं। जब विरोधी सत्ता में थे तो ‘दामाद श्री’ एक कोने में पड़े थे।
सत्ताधारियों को जिम्मेवार ठहराने से नहीं चूकते
तब अक्सर वे विभाग के ‘स्वास्थ्य’ के लिए वे सत्ताधारियों को जिम्मेवार ठहराने से नहीं चूकते थे। जैसे ही ‘स्वास्थ्य’ की देखभाल का जिम्मा खासमखास को मिला तो इनकी भी सेहत बढ़ गई। देखते ही देखते वे दून के ‘दामाद श्री’ हो गए।
अब दून में चर्चा आम है कि वे खासमखास के इतने खास हैं कि उन्हें सभी ‘दामाद श्री’ के नाम से जानने लगे हैं। सच्चाई यह है कि ये महोदय खास व्यक्ति के दूर के ‘दामाद श्री’ भी हैं।
सो, कभी कोने में पड़े रहने वाले ये सख्श अब इतने ‘सेहतमंद’ हो गए हैं कि न तो किसी की सेहत की इनको चिंता रहती है और न ही ये अपने से ऊपर वाले बाकी सेहतमंदों की बात सुनने को राजी होते हैं। सेहत वाले अधिकतर लोग इनके रवैए में बदलाव को लेकर हैरान हैं।
ये सेहत वाले ‘दामाद श्री’ से अब अपनी और आम जनता की सेहत के बारे में कुछ कहने से भी हिचकते हैं। हां, इन ‘दामाद श्री’ ने सेहतवालों को आपस में भिड़ाने के लिए गुटबाजी बढ़ा दी है। इसके लिए बाकायदा दून में भी इन महाशय ने अपने खास लोगों का एक गुट भी तैयार कर लिया है।
कुछ भी सुनने को तैयार नहीं
उन्होंने कई सेहत वालों की सेहत बिल्कुल कमजोर कर ली है। तो कभी लोगों की सेहत को लेकर सबसे कमजोर माने जाने वाले इनके खास लोगों की सूची में शामिल हैं।
ये ‘दामाद श्री’ के बारे में कुछ भी सुनने को तैयार नहीं रहते। साथ ही उनके खिलाफ कुछ बोलने वालों की शिकायत भी ये ‘दामाद श्री’ तक पहुंचा देते हैं। अब ‘दामाद श्री’ ने इनकी सेहत जो मजबूत कर ली है।