उत्तराखंड को पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मिल गई है। इससे अधिकारियों और खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।
इसी माहौल के बीच एक पुराने खिलाड़ी जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचे। सभी एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे, तो पूछा कि भई क्या हुआ काहे की बधाई।
तो अधिकारी बोल पड़े अरे नहीं पता नेशनल गेम्स की मेजबानी मिल गई है हमको। तो वे भूतपूर्व खिलाड़ी बोले चलो अच्छा है कुछ तो हो रहा है। बस यहां तो आपस में ही लड़ते रहते हैं।
मगर नेशनल गेम्स मिलने से इतना खुश भी क्या होना, पहले हो तो सही। राज्य खेल तो करा नहीं पा रहे और न नेशनल गेम्स के लिए टीम चुन पा रहे हैं, तो क्या खाक नेशनल गेम्स करा पाएंगे।
पहले कराओ फिर खुश हो। इस पर अधिकारी हां-हां गेम्स होंगे अच्छे होंगे कहकर चलते बने।