प्रदेश में आई आपदा के बाद 11 सितंबर को केदारनाथ में पूजा फिर से शुरू होनी है, लेकिन पूजा में स्थानीय लोगों को शामिल नहीं होने दिया जा रहा है। शायद यह पूजा केवल साहबों के लिए ही है। तभी तो स्थानीय लोगों के साथ ऐसा किया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग में जगह-जगह नई पुलिस चौकियां खोल दी गई हैं, हेलीकॉप्टर से पुलिस फोर्स को जगह-जगह घाटी में उतारा गया है। कर्फ्यू जैसे हालत बने हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए सरकार यह सब कर रही है।
सरकार नहीं चाहती कि आपदा में हुए जान माल के नुकसान की वास्तविक स्थिति क्षेत्र की जनता जान पाए। यदि जनता सब जान जाएगी तो लोगों में नाराजगी बढ़ेगी। जिसका खामियाजा सरकार को पंचायत चुनाव में उठाना पड़ेगा।
जबकि जनता को क्षेत्र में जाने से अभी रोके रखा गया तो कुछ समय बाद मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे और मामला अगले साल के लिए टल जाएगा। लोगों का कहना है कि यात्री और स्थानीय लोग जब आपदा में फंसे थे तब पुलिस का कुछ अता पता नहीं था, जबकि अब ग्रामीणों पर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। बहु बेटियां ससुराल से मायके नहीं जा पा रही हैं।