इसके बाद से लगातार योग डिप्लोमा धारकों को फिजियोथेरेपी कोर्स के दाखिले में प्राथमिकता की मांग उठ रही थी। मामले में केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर डिप्लोमाधारकों को राहत मिली है। यूजीसी ने इस संबंध में देशभर के विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत जहां भी बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) कोर्स संचालित हो रहा है, वहां इस साल से दाखिलों में योगा डिप्लोमा वालों को प्राथमिकता देनी होगी। हालांकि उन्हें यह प्राथमिकता उनके डिप्लोमा में प्राप्तांक और प्रवेश की परीक्षा में आए अंकों के आधार पर दी जाएगी।
हालांकि योग्यता के बाकी पैमाने वैसे ही रहेंगे। उत्तराखंड में विशेषकर हरिद्वार और ऋषिकेश में कई संस्थानों में योगा डिप्लोमा कोर्स कराया जा रहा है। यहां के छात्रों को यूजीसी के इस नियम से निश्चित तौर पर राहत मिली है।