किसान सम्मान निधि योजना के लिए खसरा खतौनी के आधार पर किसानों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में 1.57 लाख से अधिक किसान के पास दो हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि है। जमीन की शर्त समाप्त इन किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
प्रदेश के 6.98 लाख हेक्टेयर पर खेती
राज्य की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। 6.98 लाख हेक्टेयर भूमि पर 10 लाख से अधिक किसान खेतीबाड़ी करते हैं। राज्य गठन के बाद 17 सालों में 0.72 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि कमी आई है। 3.18 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर और 1.43 लाख हेक्टेयर परती भूमि है। राज्य का अधिकांश क्षेत्रफल वन भूमि के अंतर्गत है। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों के पास छोटी-छोटी कृषि जोत है।
किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित करने व उनकी सहायता के लिए केंद्र सरकार ने यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। भूमि की शर्त हटने से प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक बड़े किसानों को योजना का लाभ मिल सके। प्रत्येक किसान को सालाना छह हजार रुपये की राशि मिलेगी। इससे किसान बीज, खाद और कृषि संबंधित जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
- सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री