कुछ ही पलों में यह होड़ विवाद में बदल गई और सभी मर्यादाएं तार-तार हो गईं। दोनों के बीच जमकर गाली गलौज हुई। हालांकि, बाद में दोनों महानुभावों को स्थिति का एहसास हुआ और बारी-बारी से केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। इस बारे में जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो वे मुस्कुराकर चुप्पी साध गए और आगे बढ़ गए।
ये वाकया पहली बार नहीं हुआ है। पूर्व में भगवान बद्री विशाल की गाडू घड़ा यात्रा के दौरान भी विधानसभा अध्यक्ष ने मेरे साथ अभद्रता की थी। वहां मैं अपनी पत्नी के साथ दर्शन के लिए लाइन में खड़ा था। बृहस्पतिवार को ऐसा ही सलूक मेरे साथ किया गया। मैं ऐसी राजनीति से त्रस्त आ चुका हूं। अपनी बात ऊपर तक पहुंचाऊंगा। विधानसभा अध्यक्ष ने गाड़ी में बैठते-बैठते धमकाया कि मैं बताऊंगा तेरे को।
- भगतराम कोठारी, अध्यक्ष, गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड
भगतराम कोठारी काफी बड़े आदमी हैं और सरकार ने उनको काफी अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मैं जहां हूं, वहां तक पहुंचने के लिए सालों परिश्रम किया है और यह पार्टी के प्रति अगाध निष्ठा का परिणाम है। ताजा घटनाक्रम पर मैं यही कह सकता हूं कि कुछ नहीं हुआ। मेरी तरफ से यही सलाह है कि पार्टी नेताओं को संगठन की रीति नीति को समझना चाहिए।
- प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष व स्थानीय विधायक।