यह मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा और केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस विसंगति को दूर करने का फैसला लिया है। चूंकि एक जनवरी 2016 को सातवां वेतनमान लागू हो गया, लिहाजा इस फैसले का लाभ करीब 80,000 उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो 31 दिसबंर 2015 तक सेवानिवृत्त हुए।
इसके तहत पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन राशि की गणना नए फार्मूले से की जाएगी। वित्त विभाग के सूत्रों की मानें तो पेंशन में संशोधन और नई गणना के बाद चौथे, पांचवें और छठे वेतनमान पाकर सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों की पेंशन में करीब तीन हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
गणना के लिए कोषागार, पेंशन, लेखा एवं हकदारी निदेशालय ने एक साफ्टवेयर तैयार कर लिया है, जिसके माध्यम से पेंशनरों के संबंध में मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर स्वत: गणना हो जाएगी और उनकी नई पेंशन का निर्धारण हो जाएगा।
पेंशन में संशोधन कराने के लिए पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को एक प्रारूप भरकर उस विभागीय कार्यालय में जमा करना होगा, जहां से वे सेवानिवृत्त हुए हैं। इस प्रारूप को कार्यालय अध्यक्ष अपने स्तर से सभी सूचनाओं को अंकित कराकर उन कोषागारों के कोषाधिकारियों या उप कोषाधिकारियों को भेजेंगे, जहां से वे पेंशन ले रहे हैं। ये सूचना उन्हें सिर्फ एक बार उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद की प्रक्रिया का सारा कार्य कोषागार करेंगे।
यहां से लिया जा सकता है प्रारूप
पेंशनर उक्त प्रारूप कोषागारों, उपकोषागारों और कोषागार, पेंशन, लेखा एवं हकदारी की वेबसाइट (
ekosh.uk.gov.in) से भी ले सकते हैं।
तय प्रारूप पर पेंशनरों के बारे में सूचनाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों की होगी। वित्त विभाग ने उन्हें 31 मार्च 2019 से पहले सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा है। ये सूचनाएं वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्तर पर उपलब्ध करा सकते हैं।
एक जनवरी 2016 से पूर्व की पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण (रिवाइज) किया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने एक साफ्टवेयर तैयार किया है। विभागीय स्तर पर पेंशनरों के संबंध में सूचना मिलने के बाद साफ्टवेयर के माध्यम से पेंशन की गणना हो जाएगी। इससे करीब 80000 पेंशनरों को लाभ होने की उम्मीद है।
- अरुणेंद्र सिंह चौहान, अपर सचिव, वित्त