सरकार की सीधी भर्ती की गाज आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए उपनल कर्मचारियों पर नहीं गिरेगी।
संविदा पर नियुक्त करने पर भी विचार
सरकार की ओर से मंत्री हरक सिंह रावत ने विधानसभा में स्पष्ट किया है कि उपनल केमाध्यम से विभागों में कार्यरत लोगों को नहीं हटाया जाएगा।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपनल के कर्मचारियों को विभागों में संविदा पर नियुक्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।
ऐसा हो जाने से उन्हें भी सीधी भर्ती प्रक्रिया का लाभ मिल सकेगा। नियम-58 केतहत चंदन राम दास और सुरेन्द्र सिंह जीना के सवाल केजवाब में मंत्री ने उत्तर दिया।
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विधायकों का सवाल था जब प्रदेश में सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है तो उपनल के लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
इस पर मंत्री ने सदन में कहा कि सरकार उपनल के लोगों को लेकर चिंतित है और सदस्यों की भर्ती में उन्हें भी शामिल करने की मांग से सहमत हूं। सरकार ने उपनल केलोगों केसाथ बातचीत कर इसकी समीक्षा की है।
संविदा कर्मचारी को लाभ
उपनल को संविदा में लाने से उन्हें आउटसोर्सिंग की जगह दैनिक वेतन भोगी की श्रेणी में कर देने उन्हें पांच साल तक लगातार नौकरी करते रहने वाले संविदा कर्मचारी को लाभ मिल सकेगा।
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मंत्री ने बताया कि उपनल में करीब 14,439 लोगों कार्यरत हैं। इनमें से कुछ देश के विभिन्न संस्थानों में भी है। उपनल का सालाना टर्नओवर सौ करोड़ का है और 99 कर्मचारी इसे चला रहे हैं। हर साल उपनल को साढ़े पांच करोड़ का लाभ होता है।
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सरकार के विभिन्न विभागों में इनका योगदान है। सुरेन्द्र सिंह जीना ने मंत्री को बताया कि भर्ती की विज्ञिप्त निकलते ही एक कर्मचारी को हटने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी उपनल कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा।