पॉलिथीन को प्रतिबंधित करने के लिए स्थानीय प्रशासन कोई ठोस नीति नहीं बना पा रहा है। शहर की नालियों, सार्वजनिक स्थानों और कूड़े के ढेरों में हर तरफ पॉलिथीन ही नजर आ रही है।
शहर की नालियां चोक होने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ाने में पॉलिथीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगने के एक साल बाद भी प्रदेश में पॉलिथीन प्रतिबंधित होती नजर नहीं आ रही है।
यहां हो रहा पॉलिथीन का इस्तेमाल
वर्तमान में सब्जी मंडी ऋषिकेश, सब्जी मंडी चंद्रभागा, सब्जी मंडी चौदहबीघा, रेहड़ी, पटरी, सार्वजनिक स्थान त्रिवेणी घाट सहित नगर क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर खुलेआम पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है।
पॉलिथीन के प्रयोग को लेकर व्यापारियों का कहना है कि जब तक पॉलिथीन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर प्रतिबंध नहीं लगेगा तब तक पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हो सकता है। वर्तमान में हर वस्तु पॉलिथीन की पैकिंग में आ रहा है। अगर छोटा या बड़ा व्यापारी पॉलिथीन देना बंद कर देता है तो इससे कोई स्थायी समाधान निकलने वाला नहीं है।