सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कंपनी को डिसॉल्व कर दिया था। कंपनी से जुड़े सभी एकाधिकार जस्टिस आरएन अग्रवाल की अध्यक्षता में बनी समिति को सौंप दिए थे। इस समिति ने आयकर विभाग के साथ मिलकर कंपनी की संपत्तियों की नीलामी शुरू की है।
आयकर विभाग की कर वसूली अधिकारी मीना बिष्ट की ओर से नीलामी की सूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत मसूरी में क्लिफ एस्टेट की 500 बीघा जमीन नीलाम की जा रही है। जमीन का आरक्षित मूल्य करीब 23 करोड़ रुपये दिया गया है।
सरकार नहीं कर सकेगी जमीनों की बंदरबांट
गोल्डन फॉरेस्ट की जमीनों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 जनवरी को अहम फैसला सुनाया है। इसके तहत उत्तराखंड सरकार या प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालय इन जमीनों के मामले में कोई भी फैसला नहीं ले सकेंगे। अभी तक गोल्डन फॉरेस्ट की जमीनों को उत्तराखंड सरकार विभिन्न विभागों को आवंटित करती आ रही थी। वहीं, इन जमीनों के कई मामले अधीनस्थ न्यायालयों में भी लंबित हैं।