तकरीबन एक पखवाड़े से जेवराती सोने की वैल्यू 25-26 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के इर्द-गिर्द घूम रही है, लेकिन सोना सस्ता होने के बावजूद लोगों को ज्वेलरी बनवाना महंगा पड़ रहा है। इसकी वजह से सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ जाना रहा, जिससे बाहर से सोना लाने वाले कारोबारियों को बतौर प्रीमियम 400-500 रुपये अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। पहले यह राशि 100-200 रुपये के बीच थी। अपनी जेब पर पड़े भार को ज्वेलर अब ग्राहकों से वसूल रहे हैं।
दिल्ली से आता है सोना
दून में ज्वेलरी बनाने के लिए ज्यादातर सोना दिल्ली से पहुंचता है। दून में सराफा का भाव वहां से इसीलिए तकरीबन दो सौ रुपये ज्यादा होता है, क्योंकि इसमें सभी तरह के कर शामिल किए जाते हैं।
लागत निकालने को ऐसा
ग्राहकों को ज्वेलरी इसलिए महंगी पड़ रही है, क्योंकि ज्वेलर सोना लाने में ज्यादा पैसा चुकाएगा तो उसके पास लागत निकालने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं होगा। ड्यूटी बढ़ जाने से यह फर्कपड़ा है।
-प्रवीण जैन, अध्यक्ष, देहरादून सराफा मंडल
शादी के लिए जमाखोरी भी
कई बड़े ज्वेलर शादी और त्योहारी सीजन के मद्देनजर सोने की जमाखोरी भी कर रहे हैं। ऐसा वह आने वाले समय में सोने के भाव बढ़ने के मद्देनजर कर रहे हैं। सोने की कमी से भी लागत में बढ़ोत्तरी है।
26 जुलाई को यह रहा सराफा में भाव :
24 कैरेट : 27 हजार, 900 रुपये
23 कैरेट : 26 हजार, 560 रुपये
22 कैरेट : 25 हजार, 570 रुपये
चांदी (999 ग्राम) : 45 हजार रुपये
सिक्का (10 ग्राम) : 501 रुपये
(रेट सराफा मंडल देहरादून के अनुसार)