अनिल गोयल के परिवार के नाम पर जमीन खरीद के भी चौंकाने वाले त्य सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जमीनों की खरीद की 300 से ज्यादा रजिस्ट्री के कागज पकड़ में आए हैं। अब इनमें यह देखा जा रहा है कि कुल कितनी जमीन खरीदी गई है। जमीन खरीद के लिए पैसा कहां से खर्च किया गया है।
सहारनपुर रोड पर खरीदी विवि की जमीन
गोयल परिवार पहले से ही क्वांटम यूनिवर्सिटी का संचालन कर रहा है। अब वह देहरादून में भी एक यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी में थे। इसके लिए सहारनपुर रोड पर करीब 40 एकड़ जमीन सामने आई है। आयकर विभाग की टीम अब इस जमीन का मूल्यांकन करने जा रही है। इसमें खर्च की गई रकम का भी लेखा जोखा तलाशा जा रहा है।
गोयल परिवार की 40 कंपनियां
गोयल परिवार की 40 कंपनियां सामने आई हैं। इसमें उमंग साड़ी, क्वांटम यूनिवर्सिटी के एमएमडी एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के अलावा महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड, क्वालिटी मार्ट प्राइवेट लिमिटेड, एलेक्सिया पैनल्स के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा उनके पार्टनर गर्ग परिवार के भी यमुनानगर में पंजाब प्लाइवुड, पंजाब प्लाई इंडस्ट्री, पंजाब पीनियर्स लिमिटेड के नाम से कंपनियां सामने आई हैं।
स्टॉक वेरिफिकेशन बना टेढ़ा काम
आयकर विभाग के लिए क्वालिटी हार्डवेयर के अलावा उनके गोदामों का स्टॉक वेरिफाई करना मुसीबत बन गया है। एक स्टोर का वेरिफिकेशन किया तो पता चला कि पांच करोड़ रुपये वैल्यू है। अभी क्वालिटी हार्डवेयर सहित कई गोदाम का वेरिफिकेशन बाकी है। यह रकम कहीं अधिक तक पहुंच सकती है।
गोयल परिवार ने कारोबार को आगे बढ़ाते हुए जितनी कंपनियां बनाई हैं, उनमें पैसा खपाने को भी बड़े इंतजाम किए थे। उनके बच्चे और पत्नियां सभी को कंपनियों में डायरेक्टर बनाया गया है। गोयल परिवार की बहुएं वैसे तो गृहिणी हैं लेकिन उनके नाम से दस-दस लाख रुपये तक वेतन हर माह जारी किया जा रहा है। यह पैसा आगे इनवेस्ट किया जा रहा है।
मोबाइल फॉर्मेट करके पहुंचे अनिल गोयल
आयकर विभाग की टीम ने शुक्रवार को सुबह जैसे ही अनिल गोयल के घर व प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की तो वह अनिल गोयल की तलाश में भी थे। उन्होंने परिजनों के मार्फत संपर्क किया। शुक्रवार को देरशाम अनिल गोयल आयकर विभाग की टीम के सामने आए। उनका मोबाइल देखकर विभाग के अधिकारी हैरत में पकड़ गए।
अनिल ने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया था। अब इस मोबाइल का पूरा डाटा रिकवर करने में आयकर विभाग के पसीने छूट रहे हैं। उन्हें शक है कि कुछ सुबूत छिपाने के लिए ही अनिल गोयल ने अपना मोबाइल फॉर्मेट किया। मामले में अनिल गोयल से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें एसएमएस भी किया गया लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। जब उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।
आयकर विभाग की 13 टीमें सभी प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर रही हैं। कई अहम बातें सामने आई हैं लेकिन अभी नहीं बताई जा सकती। जैसे ही इवेल्यूएशन पूरा हो जाएगा तो कुछ कहा जा सकेगा। अगर गोयल परिवार सहयोग करे तो ज्यादा आसानी होगी।
-अमरेंद्र कुमार, प्रधान निदेशक आयकर(जांच)