फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के कई मुहूर्त, कौन सा है ज्यादा शुभ जानें

Wed, 11 Nov 2015 09:28 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
साल का सबसे महत्वपूर्ण पर्व दिवाली आज यानी बुधवार को है। पांच दिनी पर्वों का यह तीसरा दिन है। लक्ष्मी पूजन के लिए तीन मुहूर्त निकाले गए हैं। दोपहर के समय लक्ष्मी अपने प्रिय स्वाति नक्षत्र में रहेंगी। दोपहर 1.30 बजे लक्ष्मी का प्रवेश अपने दूसरे प्रिय विशाखा नक्षत्र में हो रहा है। तीनों मुहूर्त में लक्ष्मी विशाखा में बनी रहेंगी।
विज्ञापन


लक्ष्मी पूजन के लिए दीपावली के लिए तीन मुहूर्त बनते हैं। पहला मुहूर्त प्रदोष काल में पड़ रहा है। यह मुहूर्त सायं 5.25 बजे से सायं 8.10 बजे तक रहेगा। इसी मुहूर्त में 5.40 बजे से 7.35 बजे तक वृष लग्न रहेगा। जो लोग चौघड़िया मानते हैं उनके लिए सायं 07.05 बजे से रात 8.50 तक शुभ की चौघड़िया है। आम गृहस्थ के लिए यही समय पूजन का समय है। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सायं 5.25 बजे से रात 8.50 बजे तक पड़ रहा है।

दूसरा मुहूर्त निशीथ काल का मुहूर्त है। यह मुहूर्त रात 8.08 बजे से रात 8.50 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि जो श्रद्धालु निशीथ काल में कर्क लग्न की तलाश करते हैं उनके पूजन के लिए 8.30 बजे से 8.50 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा। इस समय श्रीसूक्त, कनक धारा स्तोत्र और लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी है।
विज्ञापन


तीसरा मुहूर्त तंत्र साधना के लिए है जो महानिशीथकाल कहलाता है। यह मुहूर्त 8.50 से प्रारंभ होकर अर्द्धरात्रि के बाद रात 1.32 बजे तक विद्यमान रहेगा। विशेषता यह है कि अमावस्या तिथि रात्रि 11.15 बजे तक रहेगी। अत: विशेष तांत्रिक अनुष्ठान इस समय तक होंगे।
विज्ञापन

प्रदोष काल के शुभ मुहूर्त में करें पूजन

उधर, रुड़की में श्रीकृष्ण वैदिक ज्योतिष परामर्श केंद्र के संस्थापक एवं ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश शास्त्री ने बताया कि दीपावली का पूजन प्रदोष काल में स्थिर लग्न में श्रेष्ण माना जाता है। जिसके तहत बुधवार को शाम 5 बजकर 41 मिनट से प्रदोष काल शुरू होकर रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष काल में स्थिर लग्न 5 बजकर 58 मिनट से लेकर 7 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। चर की चौघड़िया का शुभ मुहूर्त 7 बजकर 19 मिनट से 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में महालक्ष्मी और कुबेर की पूजा विशेष फल प्रदान करेगी। पंडित जगदीश प्रसाद पैन्यूली के अनुसार 7 बजकर 56 मिनट तक पूजन कर शुभ रहेगा।

इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम 9 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल मिलेगा। उन्होंने बताया कि पूजन से पूर्व चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी को गंगा जल से स्नान कराकर प्रतिष्ठित करें। इसके बाद तिलक लगाकर खील और पुष्प से वर्षा करें।

पंडित राम गोपाल पाराशर ने बताया कि लक्ष्मी जी का पूजन करते समय कमल का फूल, पान, फल और मिष्ठान अर्पित करने से मनोकमनाएं पूर्ण होंगी। उधर, बाला ज्योतिष केंद्र की ओर से हनुमान जयंती के अवसर पर महायज्ञ का आयोजन किया गया।

इस दौरान आयोजित भक्ति संगीत कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्तिमय हो गए। पंडित रजनीश शास्त्री ने धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण कराए। इस मौके पर नवीन त्यागी, रामकुमार शर्मा, सुभाष वर्मा, राजकुमारी, पूनम त्यागी, अतर सिंह चौहान एवं श्याम कोहली आदि मौजूद रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें