बदारीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। बृहस्पतिवार को विधि-विधान के साथ गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इससे पूर्व तड़के पांच बजे मंदिर में गणेश पूजा व महाभिषेक पूजा संपन्न की गई।
भक्तों ने किए बदरीनाथ के दर्शन
बदरीनाथ मंदिर दिनभर भक्तों के लिए खुला रहा। जबकि शुक्रवार को तप्तकुंड के समीप स्थित आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट दोपहर में विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे। रावल केशवन नंबूदरी ने सुबह बदरीनाथ का श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की। इसी के साथ वेदपाठियों द्वारा मंगलाचरण और वेद मंत्रों का पाठ किया गया।
माणा गांव के लोगों और साधु संतों ने की पूजा
इस दौरान धाम में बामणी व माणा गांव के साथ ही साधु-संतों ने बदरीनाथ की स्तुति की। बृहस्पतिवार को दिनभर बदरीनाथ के कपाट खुले रहे। सांय को पूजा-अर्चना के साथ बदरीनाथ मंदिर के समीप स्थित गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।