तीर्थयात्री एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे हैं। हिमखंडों के बीच बने रास्ते में तीर्थयात्रियों को रुकने नहीं दिया जा रहा है। एसडीआरएफ के जवान असहाय तीर्थयात्रियों को हाथ पकड़कर सकुशल धाम तक पहुंचा रहे हैं।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि हेमकुंड साहिब के रास्ते में जिन स्थानों पर हिमखंडों के बीच से तीर्थयात्रा गुजर रही है, वहां एसडीआरएफ के जवान तैनात हैं। हिमखंडों के हिल साइड वायरक्रेट वाल लगाई जा रही है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में यात्रा मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। हेमकुंड साहिब में तहसीलदार की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल राहत, बचाव कार्य किया जा सके।
इस बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी चरम पर है। अभी तक लगभग 80 हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। प्रतिदिन पांच से सात हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं।
गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बेहतर चल रही है। तापमान बढ़ने से धीरे-धीरे हिमखंड पिघल रहे हैं। तीर्थयात्रियों के लिए घांघरिया और गोविंदघाट में ठहरने और खाने की समुचित व्यवस्था की गई है।