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सरकार नहीं दुबई से गीता लाई मदद का 'हाथ'

Fri, 16 Aug 2013 08:56 PM IST
देहरादून/आफताब अजमत
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गीता चंदोला को दुबई में जब पता चला कि उनके प्रदेश के लोग जलप्रलय के कारण मुसीबत में हैं तो वह बिना पल गवांए उत्तराखंड आ गईं। अपनी माटी पर, अपनों की मदद करने, उनका दर्द बांटने।
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दुबई से दिल्ली और फिर सीधे आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचीं। दस दिनों तक लोगों की मदद करने के बाद दून लौटी तो मन नहीं माना। दो दिन बाद फिर चली गईं आपदाग्रस्त क्षेत्रों में।

दुबई में अच्छा कारोबार
गीता चंदोला के पति का दुबई में अच्छा कारोबार है, लेकिन जिस धरती पर जन्म हुआ, जहां खेला-खाया और पढ़ी-लिखीं, जब वहां के लोग मुसीबत में पड़े तो उत्तराखंड की इस बेटी से रहा नहीं गया।
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समाजसेवा के लिए दुबई में एक पुरस्कार जीत चुकी गीता चंदोला ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रभावितों की सहायता का खूब दावा कर रही है लेकिन हकीकत में ऐसा दिखता नहीं है।

अनाथ बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी
आपदा में जिन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, उनके घर में खाने के लाले पड़े हैं। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस दर्द को महसूस करने के बाद उन्होंने फैसला किया कि वह चार अनाथ बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाएंगी।

आपदा के नाम पर एनजीओ की मचाई हुई लूट के बीच भी गीता नजीर पेश करती हैं। गीता ने कोई एनजीओ नहीं बनाया है, न ही किसी से फंड लिया है। वह अपने खर्च से बच्चों को शिक्षा दिलाएंगी।

चैनल पर देखी प्रदेश की आपदा
गीता को जब प्रदेश में आपदा की सूचना मिली तो उन्होंने अधिक जानकारी के लिए भारतीय टीवी चैनलों को सब्सक्राइब किया। तबाही का मंजर देख गीता से रहा नहीं गया और चली आईं अपने देश-प्रदेश।

तीन जुलाई को दिल्ली से रुद्रप्रयाग के चंद्रापुरी के लिए राहत सामग्री लेकर गईं। दस दिनों तक पैदल चलकर उन्होंने आपदाग्रस्त कई गांवों में सहायता की। वहां से लौटी लेकिन तसल्ली नहीं हुई।

आपदाग्रस्त इलाकों में जाने की ख्वाहिश
दुबई में पति राकेश चंदोला से बात की और दोबारा आपदाग्रस्त इलाकों में जाने की ख्वाहिश जाहिर की। पति ने सहायता भेजी और गीता 28 जुलाई को दूसरी बार प्रदेश के लिए रवाना हुई। उन्होंने ल्वारा गांव, सोनाली, लमगौंडी, सोनाली, नौली हुंडोली और पसालत गांवों में जाकर कंबल बांटे और काउंसिलिंग की।

कौन हैं गीता चंदोला
मूलरूप से पौड़ी के मलांऊ गांव की निवासी गीता चंदोला की प्रारंभिक शिक्षा पौड़ी और देहरादून में हुई। उनके पति राकेश चंदोला दुबई में कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं।

शादी के बाद से गीता चंदोला दुबई में रहने लगी। गीता दुबई में भारतीयों को जेल से छुड़ाने के लिए कार्य करती हैं। कबूतरबाजों की वजह से फंसने वाले भारतीयों की काउंसिलिंग कर उन्हें वापस अपने वतन भेजती हैं। इन दिनों दून में रह रही गीता ने स्ट्रीट चाइल्ड को पढ़ाने का काम शुरू किया है।
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