बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि छात्रा ने कई बार एसएसपी, एसपी सिटी और अन्य अधिकारियों को फोन किए, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। इसके बाद उसने जिलाधिकारी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे भी संपर्क नहीं हो पाया।
अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि हालांकि, इस दौरान छात्रा ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन नहीं किया। इसका कारण पूछने पर उसने बताया था कि वह इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ थी कि किसी भी समय की घटना को कंट्रोल रूम को सूचना दी जा सकती है।
उसे केवल इतना पता था कि घटना के समय कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए तो उसी पर ही कार्रवाई की जाती है। इधर, इस संबंध में एसओ राजपुर अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि रविवार को मुकदमे की विवेचना अधिकारी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं।
इसके अलावा संस्थान में जाकर भी जानकारी जुटाई है। सोमवार को मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्र की तलाश के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।