रुड़की में सुल्तानपुर के अकबरपुर ऊद गांव की एक छात्रा की बुखार के चलते मौत हो गई।
छात्रा के परिजनों और ग्रामीणों ने शिक्षकों पर तबियत बिगड़ जाने के बाद भी छुट्टी न देने का आरोप लगाते हुए जूनियर हाईस्कूल में जमकर हंगामा किया।
उनका कहना था कि समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण छात्रा की मौत हुई है। अकबरपुर ऊद निवासी विक्रम की 12 वर्षीय बेटी सोनिका की मंगलवार की रात मौत हो गई।
स्कूल में बच्ची की तबियत हुई खराब
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने राजकीय जूनियर हाईस्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इस स्कूल में सोनिका कक्षा छह की छात्रा थी।
सोनिका के परिजनों का कहना था कि मंगलवार को स्कूल में ही बच्ची की तबियत खराब हो गई थी। उसने शिक्षिका से घर भिजवाने का आग्रह किया था, लेकिन अध्यापिका ने छुट्टी नहीं दी।
वहीं पढ़ने वाले सोनिका के चचेरे भाई निकेष ने भी अध्यापिका से बहन को घर ले जाने की बात कही, लेकिन अध्यापिका ने मना कर दिया।
अस्पताल ले जाते वक्त बच्ची की मौत
मृतका के पिता विक्रम सिंह ने बताया कि घर आने पर बच्ची को लक्सर के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से रुड़की ले जाया गया।
चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। हायर सेंटर जाते समय छात्रा की रास्ते में ही मौत हो गई। विक्रम सिंह का आरोप है कि अगर अध्यापिका समय से बच्ची को घर भेज देती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
शिक्षकों ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। बाद में छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
छात्रा की तबीयत स्कूल में खराब हुई इसकी जानकारी नहीं है। तबीयत खराब होने पर अगर अध्यापिका ने छात्रा को छुट्टी नहीं दी तो अध्यापिका की गलती है। इस बारे में वे अध्यापिका से बात करेंगे।
- सुदेश कुमार, प्रधानाध्यापक