जंगल की आग से सुतारगांव की एक बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। बालिका करीब 30 फीसदी तक झुलस गई है। सीएचसी गंगोलीहाट में प्राथमिक उपचार करने के बाद बालिका को अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया है।
गंगोलीहाट के सुतारगांव निवासी ममता भट्ट (8) चार किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय गंगोलीहाट में पढ़ती है। शुक्रवार को छुट्टी के बाद वह अन्य बच्चों के साथ घर जा रही थी। इस दौरान वह गांव के जंगल में लगी आग की चपेट में आ गई।
आग से उसके हाथ, चेहरा और पैर बुरी तरह से जल गए और कपड़े बदन से चिपक गए। उसकी चीख सुनकर घबराए बच्चों ने गांव पहुंचकर इसकी जानकारी लोगों को दी। इसके बाद गांव के लोगों ने ममता को सीएचसी गंगोलीहाट पहुंचाया, जहां पर डा. शंकर दत्त सूंठा ने उपचार के बाद उसे अल्मोड़ा रेफर कर दिया।
डॉक्टर के अनुसार बच्ची 30 प्रतिशत तक झुलसी है। उसके पिता मजदूरी करके परिवार को पालते हैं। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र भट्ट ने इस घटना को वन विभाग की लापरवाही बताते हुए ममता के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने और ममता का उपचार कराने की मांग की है।